}NEP} National Education Policy 2021 | राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 ।। National Education Policy 2021 ।। national education policy 2021 highlights ।। new education policy 2021 5+3+3+4 ।। new education policy 2021 implementation date ।। भारतीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 – पूरी जानकारी विस्तार से ।।

Introduction

देश का सतत विकास हो इसके लिए अनिवार्य शर्त हैं कि, हमारे विघार्थियो को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाये और देशी की इसी मौलिक मांग को पूरा करते हुए देश की लोकप्रिय सरकार अर्थात् मोदी सरकार ने, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 ।। National Education Policy 2021 को जारी कर दिया हैं जिसके तहत पूरी शिक्षा व्यवस्था में, मौलिक रुपान्तरण करते हुए पूरी शिक्षा व्यवस्था के विघार्थियो के उज्जवल भविष्य को देखते हुए लाभकारी व कल्याणकारी बनाया गया हैं ताकि हमारे विघार्थी इस शिक्षा व्यवस्था को ग्रहण करके आत्मनिर्भर बन सकें और अपना प अपनो का विकास कर सकें।

इसी मौलिक लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम, अपने इस लेख में, आपको राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 की पूरी जानकारी प्रदान करेंगे ताकि हमारे सभी विघार्थी व अभिभावक इस शिक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी ग्रहण कर सकें और इसका लभ लेकर अपना सतत शैक्षणिक विकास कर सकें यही हमारे इस लेख का प्राथमिक लक्ष्य हैं जिसे हमें, प्राप्त करना हैं।

Short Details

भारत सरकार की नई नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021।
योजना की शुरुआत किसने और कब की? भारत सरकार ने, साल 2021 में।
योजना का केंद्रीय उद्धेश्य भारत में, नई गौरवशाली शिक्षा व्यवस्था की स्थापना करना।
इन्हें मिलेगा योजना का लाभ देश के सभी विघार्थियो को इस नीति का लाभ मिलेगा।
योजना के तहत जारी आधिकारीक वेबसाइट का लिंक जल्द जारी किया जायेगा।
योजना के तहत जारी हेल्पलाइन नंबर / सम्पर्क सूत्र जल्द जारी किया जायेगा।

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 – एक नजर

भारत का समग्र विकास हो सकें और भारत में, पुन गौरवशाली शिक्षा व्यवस्था का निर्माण हो सकें इसके लिए भारत सरकार ने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 को जारी किया है जिसके तहत पूरी शिक्षा व्यवस्था में, आमूलचुक बदलाव किये गये जिसकी पूरी जानकारी हमने अपने लेख में, प्रदान की है जिसे आप प्राप्त कर सकते हैं। इस नीति के तहत भारत में, एक नई शैक्षणिक परम्परा और प्रथा का शुभारम्भ किया जायेगा ताकि मौजूदा भारत व आने वाले भारत का सतत शैक्षणिक विकास हो सकें और हमारे विघार्थियो का सतत विकास हो सकें।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 – उद्धेश्य

इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 के उद्धेश्य इस प्रकार हैं –

  1. भारत में, शिक्षा व्यवस्था को पुन-जीवित करना,
  2. विघार्थियो को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना,
  3. मेधावी विघार्थियो को उनकी उच्च शिक्षा प्राप्ति के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना,
  4. आई.आई.टी मल्टी सब्जेक्टेस् संस्थानो का निर्माण करना,
  5. विदेशी विघार्थियो के लिए अन्तर्राष्ट्रीय विघार्थी कार्यालयो की स्थापना करना,
  6. राष्ट्रीय शोध संस्थानो की स्थापना करना ताकि विघार्थियो को इसका लाभ मिले और
  7. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 के तहत अलग-अलग बोर्डो के तहत महत्वो को उजागर करना आदि।

उपरोक्त सभी लक्ष्यो की प्राप्ति करके भारत का शैक्षणिक विकास किया जायेगा और विघार्थियो के उज्जवल भविष्य का निर्माण किया जायेगा।

new education policy 2021 5+3+3+4 व अन्य विशेषतायें

इस शिक्षा नीति के तहत कई तरह के बदलाव किये गये हैं जिसके कुछ लोकप्रिय बदलाव इस प्रकार से हैं-

  1. मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अब शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जायेगा,
  2. इस नीति के तहत सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था का सार्वभौमीकरण किया जायेगा,
  3. 10+2 की पुरानी शिक्षा पद्धति को समाप्त करके 5+3+3+4 की पद्धति को लागू किया जायेगा,
  4. कक्षा 6 से विघार्थियो को व्यावसायिक शिक्षा के साथ-साथ इंटर्नशिप की शिक्षा भी प्रदान की जायेगी,
  5. मातृ भाषा व क्षेत्रीय भाषाओ को पुन-जीवित किया जायेगा,
  6. विघार्थियो को कक्षा 9 से लेकर 12 तक विषयो के चयन में, पूर्ण स्वतंत्रता दी जायेगी और साथ ही साथ दो अलग-अलग स्ट्रीम्स की शिक्षा एक साथ ग्रहण करने की आजादी भी दी जायेगी,
  7. सभी स्कूलो को मध्याह भोजन की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी,
  8. स्कूलो को बच्चो के लिए नई समय-सारिणी का निर्माण करना होगा आदि।

national education policy 2021 highlights

इस शिक्षा नीति के कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार से हैं –

  1. इस नीति के तहत उच्च शिक्षा से ’’ एम.फील ’’ की डिग्री को समाप्त किया जायेगा,
  2. ग्रजुऐशन 3 या 4 साल का हो सकता हैं जिसे बीच में, छोडकर बाहर निकलने के लिए कई व्यवस्थाओ की स्थापना की जायेगी जिसके तहत –
  • 1 साल तक स्नातक शिक्षा प्राप्त करने पर विघार्थी को सर्टिफिकेट दिया जायेगा,
  • 2 साल के बाद विघार्थी को एडवांस डिप्लोमा प्रदान किया जायेगा,
  • 3 साल के बाद डिग्री दी जायेगी और
  • 4 साल के बाद रिसर्च के साथ स्नातक की डिग्री दी जायेगी आदि।
  1. साल 2030 तक प्रत्येक जिले में, कम से कम एक बडी बहु-शिक्षण संस्थान की स्थापना की जायेगी,
  2. साल 2040 तक उच्च शिक्षा संस्थानो को बहु-विषय संस्थान बनाया जायेगा,
  3. भारतीय उच्च शिक्षा आयोग द्धारा पूरी शिक्षा व्यवस्था का संचालन व देख-रेख किया जायेगा और यही एकमात्र निकाय होगी आदि।

उपरोक्त सभी नई शिक्षा नीति 2021 के प्रमुख बिंदु हैं जिन्हें हमने आपके सामने प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखा हैं।

असीम पोर्टल रजिस्ट्रेशन

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 – प्राथमिक लाभ

नई शिक्षा नीति 2021 के तहत पूरी शिक्षा व्यवस्था को मिलने वाले सभी लाभ इस प्रकार से हैं-

  1. देश के सभी विघार्थिया का सतत शैक्षणिक विकास होगा,
  2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए सकल घरेलू उत्पाद का कुल 6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च किया जायेगा,
  3. विघार्थियो को संस्कृत सहित तमाम भारतीय प्राचीन भाषाओ को पढने का विकल्प प्रदान किया जायेगा,
  4. कक्षा 10वीं व 12वीं के विघार्थियो को बोर्ड परिक्षा के तनाव व दबाव से मुक्ति देने के लिए साल में, दो बार बोर्ड परीक्षाओ का आयोजन किया जायेगा जिस पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जायेगा,
  5. विघार्थी आसानी से पढाई कर सकें इसके लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर आदि की मदद ली जायेगी,
  6. पूरी शिक्षण प्रक्रिया में, विघार्थियो के चहुमुखी विकास के लिए अतिरिक्त गतिविधियो में, बच्चो की भागीदारी की जायेगी,
  7. इस शिक्षा नीति के तहत सभी राज्य अपने-अपने राज्यो में, 3 क्षेत्रीय भाषाओ की शिक्षा देने की स्वतंत्रता प्रदान की गई हैं,
  8. इस शिक्षा नीति के साथ ना केवल विघार्थी का सैद्धान्तिक विकास किया जायेगा बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान किया जायेगा,
  9. अब विघार्थी किसी भी कोर्स को बीच में, ही छोडकर दूसरे कोर्सो में, दाखिला ले सकता ताकि उसका शैक्षणिक विकास सतत तौर पर हो सकें आदि।

उपरोक्त सभी प्राथमिक लाभ, इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 की मदद से हमारे विघार्थियो को प्रदान किया जायेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 – शिक्षा के 4 चरण कौन-कौन से हैं?

देश से अपने सभी पाठको व विघार्थियो को हम, सूचित करना चाहते हैं कि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 के अंतर्गत शिक्षा की पुरानी पद्धति को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था को कुल 4 अलग-अलग चरणो में, विभाजित किया गया हैं जो कि, इस प्रकार से हैं –

स्टेज आयु वर्ग कक्षा विशेषता
फांउडेशन स्टेज अर्थात् शुरुआती स्तर 3 से लेकर 8 साल से बच्चो के लिए। 3 साल की प्री-स्कूली शिक्षा व 2 साल की स्कूली शिक्षा प्रदान की जायेगी। मातृ भाषा के विकास व शिक्षण विकास पर होगा मुख्य जोर।
प्रिप्रेटरी स्टेज 8 से लेकर 11 साल के बच्चो के लिए। कक्षा 3 से लेकर 5 में, बच्चो को भाषा व संख्यात्मक कौशल का ज्ञान प्रदान किया जायेगा। इस स्टेज पर बच्चो  को उनके क्षेत्रीय भाषा में, शिक्षा प्रदान की जायेगी।
मिडिल स्टेज कक्षा 6 से 8 आयु वर्ग के विघार्थी। कक्षा 6 से लेकर 8 तक के विघार्थियो को कोडिंग सिखाई जायेगी। बच्चो को व्यावसायिकि शिक्षा के साथ-साथ इंटर्नशिप की सुविधा प्रदान की जायेगी।
सेकेंडरी स्टेज कक्षा 9 से 12 आयु वर्ग के विघार्थी। कक्षा 9 से लेकर 12 तक के विघार्थियो के लिए अलग-अलग स्ट्रीम्स के चलन को समाप्त कर दिया गया हैं। अब विघार्थी अपनी पंसद के विषयो का चयन कर सकता है और अलग-अलग स्ट्रीम्स को एक साथ पढ सकते हैं जैसे कि, आर्ट्स के साथ साइंस या कॉमर्स आदि।

 

National Education Policy 2021 – मौलिक स्तम्भ

भारत सरकार ने, देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था पर शैक्षणिक स्ट्राइक करते हुए नई शिक्षा नीति 2021 को जारी कर दिया है जिसके कुछ बेहद मौलिक स्तम्भ हैं जिन्हें हम, आपके सामने रखना चाहते हैं जो कि, इस प्रकार से हैं-

  1. स्ट्रीम्स की समाप्ति व विषयो के चयन की आजादी

जैसा कि, National Education Policy 2021 का मुख्य प्रावधान हैं कि, कक्षा 9 से लेकर 12 तक के विघार्थियो के लिए स्ट्रीम्स चयन की प्रथा को समाप्त कर दिया गया हैं जिसके तहत अब हमारे विघार्थी अपनी इच्छानुसार किसी भी विषय का चयन कर सकते हैं और दो अलग-अलग स्ट्रीम्स को एक साथ पढ सकते हैं।

  1. बी.एड हुआ 4 साल का

साल 2030 तक शिक्षक की न्यूनतम योग्यता को 4 वर्षीय बी.एड करने के लिए भारत सरकार ने, नई शिक्षा नीति 2021 के तहत बी.एड के पूरे कोर्स की अवधि में, बडा बदलाव करते हुए 4 साल का कर दिया हैं।

  1. वोकेशनल शिक्षा को दी जायेगी प्राथमिकता

ये एक सच्चाई हैं कि, वर्तमान समय में, वोकेशनल शिक्षा प्राप्त करने वाले कुल विघार्थियो की कुल संख्या मात्र 5 प्रतिशत हैं और इसी 5 प्रतिशत को National Education Policy 2021 के तहत 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया हैं जिसके तहत कक्षा 6 से लेकर 8 के विघार्थियो को वोकेशनल शिक्षा प्रदान की जायेगी जैसे कि – बागवानी, लकडी का काम, बिजली संबंधित काम व मिट्टी के बर्तन निर्माण संबंधी कार्य आदि।

  1. मातृ भाषा व क्षेत्रीय भाषा को किया जायेगा पुन-जीवित

नई शिक्षा नीति का सबसे प्रमुख आकर्षण ये हैं कि, नई शिक्षा नीति की मदद से मातृ भाषा व क्षेत्रीय भाषाओ को पुन-जीवित किया जायेगा क्योंकि जब हम, अपने मातृ भाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में, शिक्षा ग्रहण करते हैं तो हमारी शैक्षणिक ग्रहण स्तर की गति मे, विकास होता हैं जिसकी मदद से हम, बेहतर ढंग से शिक्षा ग्रहण कर पाते हैं।

  1. मातृ भाषाओ व क्षेत्रीय भाषाओ के शिक्षको की होगी बडी भर्ती

चूंकि हम, सभी जानते हैं कि, National Education Policy 2021 के तहत मातृ भाषा व क्षेत्रीय भाषाओ को पुन-जीवित किया जायेगा और हम, ये भी जानते हैं कि, देश में, मातृ भाषा व क्षेत्रीय भाषा के शिक्षको की भारी कमी हैं जिसे पूरा करने के लिए मातृ भाषा व क्षेत्रीय भाषा के शिक्षको की व्यापक स्तर पर भर्ती की जायेगा इस प्रकार इससे हमारे मातृ व क्षेत्रीय भाषा के शिक्षको व विघार्थियो के लिए सुनहरा अवसर हैं।

  1. विदेशी भाषाओ को किया जायेगा लांच

नई शिक्षा नीति 2021 के तहत देश के सभी माध्यमिक स्तर पर शिक्षा ग्रहण कर रहे विघार्थियो को विदेशी भाषायें जैसे कि – फ्रैंच, जर्मन, स्पेनीश, चाइनिज व जैपनीज आदि विदेशी भाषाओ की शिक्षा प्रदान की जायेगी आदि।

उपरोक्त सभी National Education Policy 2021 के मौलिक स्तम्भ हैं जिन्हें हमने अपने पाठको के सामने प्रस्तुत करने का एक छोटा-सा प्रयास किया हैं।

निष्कर्ष

हमने अपने इस लेख में, अपने सभी पाठको व भारतवासियो को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 की पूरी जानकारी प्रदान व साथ ही साथ इस नीति के सभी प्रमुख विशेषताओ को भी आपके सामने बिंदु-दर-बिंदु प्रस्तुत किया ताकि हमारे सभी पाठक व भारतवासी इस नई कल्याणकारी व व्यावहारिक शिक्षा नीति की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें और इसका लाभ लेकर अपना व अपनो का शैक्षणिक विकास कर सकें।

 

 

Leave a Comment